हरियाणा सरकार ने सरकारी नौकरियों, शिक्षण संस्थाओं में दाखिलों सहित विभिन्न कार्यों के लिए दस्तावेजों को राजपत्रित अधिकारियों से सत्यापन कराने की बजाय आवेदक द्वारा ही सत्यापित करने की छूट दी हुई है। शहरी निकाय विभाग द्वारा विवाह के रजिस्ट्रेशन के लिए निर्धारित नौ बिंदुओं में भी दस्तावेजों के नोटरी से सत्यापित कराने का कोई जिक्र नहीं हैं।
गृह सचिव ने दिया नोटरी की अनिवार्यता खत्म कर पोर्टल में बदलाव का निर्देश
इसके बावजूद जिलों में तैनात अधिकारियों ने अपने स्तर पर ही रोटरी से दस्तावेज सत्यापित कराना अनिवार्य किया हुआ था। इससे न केवल लोगों को अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ रहा था, बल्कि समय भी जाया होता था। पिछले दिनों कालका निवासी अश्विनी अग्रवाल ने विभाग से इस संबंध में जानकारी मांगी तो अफसरों ने हाथ खड़े कर दिए।
इसके बाद मामला मुख्य सूचना आयुक्त के पास पहुंचा तो उन्होंने गृह सचिव से जवाब तलब कर लिया। साथ ही गृह सचिव को विवाह पंजीकरण में स्वयं सत्यापित दस्तावेजों को मंजूर करने की हिदायत दी। सूचना आयोग की सख्ती पर गृह सचिव ने शहरी निकाय विभाग को विवाह पंजीकरण में स्वयं प्रमाणित दस्तावेजों को स्वीकार करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा विवाह पंजीकरण के लिए बने पोर्टल पर भी बदलाव किया जाएगा।